कविताओं की बगिया

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ये कैसी राजनीति

ये कैसी राजनीति
जहां दाल चावल के दाम बढ़ने की है रीति
ये कैसी राजनीति
हर तरफ नेताओं की शान है
पर जनता के बीच मचा हाहाकार है […]

paper and pen
Bharat-mata

मातृभूमि

भारत हमारी जन्मभूमि
सब मिलकर सम्मान करें,
भारत माता के चरणों में
अपना शीश कुर्बान करें।
हमने जहां पर जन्म लिया […]

वर्षा

देखो तो वर्षा है आई
अपने संग कितनी खुशियां लाई।
सबका मन उछल रहा है
बादलों के संग चल रहा है।
दिल में खुशी,चेहरे पर मस्ती […]

वर्षा

दिन और रात

देखो सूरज की किरणे आई,
सारी चिड़िया फिर चहचहाई,
देखो सारी कलियां खिल गई,
अब तो सारी दुनिया जाग गई।
सब निकले अपने अपने कामों में,[…]

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